यूपी: कोरोना से बचाव उपायों के साथ 11 प्रकार के उद्योगों को चलाने की अनुमति
- अधिकतम 50% श्रमिकों की संख्या के साथ चलाने की अनुमति
- गाइड लाइन के अनुसार परिसर सैनिटाइजेशन कराया जाएगा
- श्रमिकों की स्क्रीनिंग थर्मल स्कैनर से की जाए
- इकाई पर सैनिटाइजर मास्क पानी की व्यवस्था रखने के निर्देश
- किसी भी कर्मी को संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर जिला प्रशासन को करना होगा सूचित
लखनऊ. संवाददाता। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को लेकर जारी लॉकडाउन के बीच योगी सरकार ने बड़ा फैसला किया है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में आवश्यक सेवाओं के साथ 11 तरह के उद्योगों को सशर्त चलाने की मंजूरी दे दी है। हालांकि, फिलहाल सतत प्रक्रिया उद्योगों के संचालन की मंजूरी दे दी गई है। इसमें सरकार ने स्टील, रिफाइनरी, रसायन, सीमेंट, उर्वरक, वस्त्र उद्योग (परिधान को छोड़कर), फाउंड्रीज, टायर, पेपर, चीनी मिल को संचालन यानी चलाने की मंजूरी दी है। इसके साथ ही कॉमन एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट को शुरू करने के भी आदेश है। प्रथम चरण में करीब 50 प्रतिशत श्रमिकों के साथ यूनिट चलाने की अनुमति होगी। इस दौरान प्रशासनिक कार्यालयों को खोलने की मंजूरी नहीं होगी। लेकिन हॉटस्पॉट क्षेत्रों में यूनिट चलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
औद्योगिक परिसर को गाइडलाइन के अनुसार, लगातार सैनेटाइजेशन कराया जाए और श्रमिकों की संख्या के हिसाब से थर्मल स्कैनर की भी व्यवस्था की जाए। यूनिट में मास्क, सैनेटाइजर और पानी का पूरा प्रबंध करने के भी निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन और चिकित्सा विभाग गाइडलांइस का पालन सुनिश्चित करेगा, किसी भी कर्मचारी में कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर फौरन सूचित करना होगा।
