सिंजेंटा किसान हेल्पलाइन 1800-1-215-315 पर कॉल करें, समस्या का समाधान जानें

कोविड-19 की वजह से किसानों को खेती में जो भी समस्या हो रही है, उसका समाधान जानना हो या फिर मुफ्त में फसल संबंधी सलाह लेनी हो, सिंजेंटा का हेल्पलाइन है न!

यह हेल्पलाइन सोमवार से शनिवार 9.30 बजे सुबह से 5.30 बजे शाम तक काम करेगी।


लखनऊ.संवाददाता । सिंजेंटा इंडिया ने कोविड 19 की वजह से देशव्यापी लॉकडाउन में किसानों की चिंताओं को देखते हुए सिंजेंटा किसान हेल्पलाइन के नाम से एक राष्ट्रव्यापी टेली-सलाह सेवा शुरू की है। सिंजेंटा एक अग्रणी कृषि कंपनी है जो लाखों किसानों को उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करना सिखाकर वैश्विक खाद्यान्न सुरक्षा को बेहतर बनाती है।

किसान अब सिंजेंटा किसान हेल्पलाइन नंबर 1800-1-215-315 पर लैंडलाइन और मोबाइल दोनों से ही कॉल कर सकते हैं। इस हेल्पलाइन से पूरे भारत के किसान मुफ्त में फसल संबंधी सलाह के अलावा खेतीबारी से जुड़ी कोई भी सूचना पा सकते हैं, जो इस अभूतपूर्व समय में उनको झेलना पड़ रहा है। सिंजेंटा के विशेषज्ञों की टीम सवालों का जवाब देगी, निर्देशन करेगी और किसी खास कृषि संबंधी चुनौती पर तुरंत सहायता पहुंचाएगी।

नौ अलग भाषाओं में कुल 16 चैनल इसके लिए तैयार किए गए हैं। राजस्थान, उ.प्र.,छत्तीसगढ़, बिहार, हरिणाणा, म.प्र., जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तर भारतीय राज्यों के लिए हिंदी में चैनल उपलब्ध होगा, जबकि बाकी गैर-हिंदी भाषी राज्यों के लिए क्षेत्रीय भाषाओं, जैसे पंजाबी, मराठी, गुजराती, तेलुकु, तमिल, कन्नड़, ओड़िया और बंगाली में सेवाएं उपलब्ध होंगी।

सिंजेंटा इंडिया लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर राफेल डेल रियो ने कहा, ‘हमारी सेवाओं के केंद्र में किसान हैं और एक ऐसे समय जब किसान फसलों की कटाई और खरीफ की तैयारी में लगनेवाले थे, यह काफी महत्वपूर्ण है कि उन्हें सही सलाह मिले। हमें यह लगा कि यह सही वक्त है, जब किसानों को उनकी चिंताओं के समाधान के लिए एक प्लेटफॉर्म दिया जाए। ये हेल्पलाइन कई जरूरी मुद्दों के साथ उनको लॉकडाउन के दौरान और उसके बाद भी कई महत्वपूर्ण सूचनाएं मुहैया कराएगा।’

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सिंजेंटा इंडिया लिमिटेड के सीएसओ (चीफ सस्टेनिबिलिटी ऑफिसर) ने राफेल की बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘किसानों को अप्रत्याशित मौसम, कीड़ों के आक्रमण, पौधों के रोग, बाजार की बदलती हालत इत्यादि कई मसलों का समामना करना पड़ता है और कोविड 19 जैसी महामारी के वक्त, भरोसेमंद और समय पर मिली सूचना ही स्थितियों को बिगड़ने से बचा सकती है। इस राष्ट्रीय हेल्पलाइन के जरिए हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि किसानों के लिए खेती और किसानी के मुद्दों को उठाने और समाधाना पाने का एक चैनल, एक रास्ता मौजूद है।’

कॉल सेंटर न केवल कॉल रिसीव करेगा, बल्कि वह किसानों तक पहुंचकर उनको सोशल डिस्टेंसिंग कायम रखने, पीपीई का प्रयोग करने और बाकी सावधानी बरतने के बारे में बताएगा, जो कोविड-19 में जरूरी है।

 

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