ऊर्जादाता बनेंगे अन्नदाता, 20 लाख किसानों को मिलेंगे सोलर पंप

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स्पेशल रिपोर्ट- दूध, मांस और मछली के तेज और सुरक्षित परिवहन के लिए चलेगी किसान रेल

पानी की किल्लत वाले 100 जिलों के लिए अलग से सिंचाई योजनाएं

गिरीश पांडेय, लखनऊ

सरकार वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने को प्रतिबद्ध है। मौजूदा बजट में इस प्रतिबद्धता के प्रति और मजबूती दिखाई गयी है। बजट में पानी, खाद, भंडारण और बाजार तक के बारे में सोचा गया है। एकल खेती का जोखिम करने के लिए बजट में कृषि विविधीकरण पर खासा खयाल रखा गया है। अगर ये योजनाएं लागू हुईं तो आने वाले वर्षों में किसानों की किस्मत चमक जाएगी।
अब तक अन्नदाता कहे जाने वाले किसान ऊर्जादाता भी बनेंगे। सौर ऊर्जा इसका जरिया बनेगी। कुसुम योजना केजरिये सरकार 20 लाख किसानों को सोलर पंप देगी। गैर कृषि योग्य भूमि पर किसान या उसे लीज पर लेने वाला सोलर प्लांट स्थापित कर सकेगा। इस प्लांट को सरकार बिजली विभाग के ग्रिड से जोड़ेगी और उसे तय दर पर खरीदेगी।
एकल और परंपरागत खेती के जरिये आय दोगुना करने का लक्ष्य पूरा होने से रहा। लिहाजा दूध और मछली उत्पादन पर बजट में फोकस किया गया है। यह आय बढ़ाने के साथ पोषण सुरक्षा में भी मददगार होगी। बजट में इसके लिए केंद्रीय वित्त मंत्री ने किसान रेल योजना की शुरुआत की है। खास किस्म की इस रेल के जरिए दूध और मांस को एक से दूसरे क्षेत्र में पहुंचाया जा सकेगा। यही काम किसान उड़ान योजना से और तेजी से हो सकेगा।

पानी की कमी वाले 100 जिलों के लिए सिंचाई की खास योजना
सिंचाई खेती का सर्वाधिक जरूरी निवेश है। कहा गया है कि खेती सब कुछ की प्रतीक्षा कर सकती है, पर पानी का नहीं। प्रधानमंत्री सिंचाई योजना, सिंचाई की अपेक्षाकृत सक्षम विधाओं ड्रिप और स्प्रिंकलर और दशकों से अधूरी पड़ी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए एकमुश्त पैसा देकर सरकार पहले से ही यह कर रही है। बजट में पानी की सर्वाधिक किल्लत वाले 100 जिलों की पहचान कर वहां सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान देने का प्रावधान भी बजट में किया गया है।

कर्ज के लिए 15 लाख करोड़
फसली सीजन में समय से किसानों को निवेश मिले इसके लिए समय पर नकदी की जरूरत होती है। दो-दो हजार रुपये के तीन किश्तों में देया प्रधानमंत्री किसान मान धन योजना का भी यही मकसद है। इसके बावजूद नकदी की कमी की भरपाई के लिए बजट में 15 लाख करोड़ रुपये के कर्ज का प्रावधान भी किया गया है।

हर ग्राम पंचायत में भंडारगृह
भंडारण अब भी बहुत बड़ी समस्या है। भंडारण की व्यवस्था ने होने से किसानों के उत्पाद का एक बड़ा हिस्सा बरबाद हो जाता है। इसके लिए बजट में हर पंचायत में गोदाम खोलने का प्रावधान किया गया है। गोदाम खोलने के इच्छुक व्यक्ति को बेहद सस्ते दर पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।

महिलाओं को खेती से जोड़ेगी धान्य लक्ष्मी
कृषि क्षेत्र के तमाम काम महिलाएं करती हैं। इनके श्रम को और पहचान दिलाने के लिए बजट में धन लक्ष्मी को धान्य लक्ष्मी बनाने का प्रावधान किया गया है। स्थानीय स्तर पर महिलाओं का स्वयंसेवा समूह एसएचजी को और प्रभावी बनाया जाएगा। लागत घटाने के लिए उर्वरकों का संतुलित प्रयोग, जोखिम कम करने के लिए कृषि विविधीकरण एवं जैविक खेती पर भी बजट में जोर दिया गया है। विविधीकरण के लिए मछली पालन खासकर तटवर्ती इलाकों के लिए सागर मित्र योजना का प्रावधान किया गया है। 2025 तक दूध उत्पादन का लक्ष्य बढ़ाकर करीब दोगुना कर दिया गया है। मुंह पका और खुरपका रोग इसमें सबसे बड़े बाधक हैं। इस रोग के उन्मूलन के लिए बजट में खास बंदोबस्त किया गया है।

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