कश्मीर समस्या के लिए नेहरू जिम्मेदार – अमित शाह
Amit Shah in Lok Sabha
शुक्रवार को लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के हालातों के बारे में बात करते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन बढ़ाने का प्रस्ताव रखा. जिसका कांग्रेस ने भरपूर विरोध किया, कांग्रेस के इस विरोध के विरोध में अमित शाह भी जवाब देने लगे और कांग्रेस पर जमकर हमला बोलते हुए भारत-पाकिस्तान बंटवारे से लेकर, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के चले जाने को लेकर खूब खरी-खोटी सुनाई, यहीं नहीं शाह ने कश्मीर समस्या के लिए पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का नाम लिया, बस फिर क्या था नेहरू का नाम सुनते ही कांग्रेस सांसदों ने भी संसद में खूब हंगामा किया.
अमित शाह ने कहा कि देश का बंटवारा धर्म के आधार पर हुआ जिसकी वजह कांग्रेस थी. और कांग्रेस के ऐसा करने से ही आज पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर हमसे अलग है और आतंकवाद एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है.
शाह ने ये भी कहा कि कांग्रेस हमें इतिहास न सिखाए, जब देश में 600 से अधिक राजे - रजवाड़े थे, लेकिन तब तत्कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने हर रियासत को हिंदुस्तान में शामिल करवा लिया. लेकिन हैदराबाद और जूनागढ़ की रियासतें, हिंदुस्तान में आने से इनकार कर रही थीं पर ये मुद्दा सरदार पटेल के पास था इसलिए कोई दिक्कत नहीं हुई, और दोनों रियासतें हिंदुस्तान में शामिल हो गयीं।
इसी दौरान शाह ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा की जम्मू और कश्मीर का मुद्दा किसके पास था जहां आज धारा 370 लगी है. बस जैसे ही अमित शाह ने इतना कहा वैसे ही कांग्रेस के सांसदों ने हंगामा कर अमित शाह का विरोध करने लगे.
वहीं दूसरी तरफ अमित शाह भी हमलावर रहे, उन्होंने कहा कि हम उनका नाम क्यों न लें, जब उनकी ही गलती को आज पूरे देश को भुगतना पड़ रहा है. लेकिन कांग्रेस के हंगामे के बीच शाह ने कहा कि चलिए, हम उनका नाम नहीं लेते हैं. लेकिन फिर अमित शाह ने पहले प्रधानमंत्री शब्द का इस्तेमाल किया और संसद में फिर बवाल हो गया.
आपको बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन बढ़ाने का प्रस्ताव लोकसभा में रखा. लेकिन कांग्रेस की तरफ से इसका विरोध किया गया.